अपने दिल की बातें कहना नहीं किसी को

अपने दिल की बातें कहना नहीं किसी को



Kamla Raina (Chowgam) कमला रैना (चौगाम)

अपने दिल की बातें कहना नहीं किसी को

दिल दिल नहीं मिलता समझाना बहुत कठिन

 

किसी का बरोसा ना ही

किस का बरोसा कर दूं ॥

 

दिन रात गुजर रहा है

यह सहना कठिन है॥

 

दुख से बरी है दुनिया

सुख का निशाना नहीं है।

 

सुख दुख में सम रहना

सैहना गम कठिन है।

 

यह सब प्रभु की लीला

आसचर की बात नाही।

 

लेकिन बरोसा करना

मुशकिल बहुत कठिन है॥

 

भवसागर है ऐसा

बहुत रंग बदल रहा है॥

 

गहरा है पार करना

तरना बहुत कठिन है।

 

दुनिया ना ही किसी का होवे

भी ना ही हर गिज़ ।।

 

अफसोस खा रहे है सब

बरदाशत बहुत कठिन है।

 

जो होता है जिस दम

उसकी कदर नाही ॥

 

होता है मर कर मरतबा

कहना भी कठिन है।

 

कितने आये हैं यहा

वापस जा रहे हैं।

 

दम का बरोसा नाही

खाना गम कठिन है ।।

 

अपना हो पराया

यह भ्रम की है फांसी ॥

 

अरे कमला तु समझो

कहना भी कठिन है॥

साभारः कमला रैना (चौगाम)