खोया बचपन

- खोया बचपन




खोया बचपन 

 

बचपन मेरा खो गया 

कश्मीर की सुंदर वादियों में 

ऊंचे पर्वतों के दामन में 

हारी पर्वतों के मंदिर में 

शंकराचार्य के शिन दर्शन में 

निशात शालिमार के बागों में 

गुलमर्ग पहलगांव की हवाओं में 

चिनार के पेड़ों की छांव में 

क्षीर भवानी के देवी मंदिर में 

विद्यालय की कक्षाओं में 

मास्टर जी की डांट में 

बादाम अखरोट के पेड़ों में 

सेब नाशपाती के बागों में 

हब्बा कदल के जन्म स्थल में 

गणपतयार की आरती में 

पड़ोसियों के दिलों में 

शिवरात्री के त्यौहार में 

बालसखाओं की क्रीड़ाओं में 

कश्मीरी भाषा की मिठास में

लोकगीतों एवं भजनों में 

साधारण कश्मीरी वेशभूषा में 

ऋषियों मुनियों के आश्रमों में 

शादी ब्याह की चहल पहल में 

रिश्तेदारों के मेलजोल में 

हर धर्म जाति के प्यार में 

झील डल के शिकारों में 

बर्फ और सर्दी के कम्पन में 

पक्षी कोयल के संगीत में 

अपने घर के आंगन में 

मां बाप के प्यार की याद में 

मेरा बचपन खो गया

कश्मीर की वादियों में 

अस्वीकरण:

उपरोक्त लेख में व्यक्त विचार अभिजीत चक्रवर्ती के व्यक्तिगत विचार हैं और कश्मीरीभट्टा .इन उपरोक्त लेख में व्यक्तविचारों के लिए जिम्मेदार नहीं है।

साभार:-  बिमला कौल  एवं कौशुर समाचार, 2022, जुलाई