रगन दग तेज्य

रगन दग तेज्य


रगन दग तेज्य

रगन दग वछ दिलस दबराय तेज़य । खलुक जज़बॉत्य गॅयि हहॅराय तेज़य ।।

शोदिस इन्सान मॅरिस शेतान फॅरिस चाव । रतस रयय लॅज बेयि सुसराय तेज़य ।।

हुमिस प्वलरिस तु अकनन्दनस कॅडिख तान । ज़बान दम फुट्य, वुट् फिसराय ते य ।।

गौमुत चखि रहमतुक बारान बनि क्याह । जंगल दद्य यसल कुछ टिसराय तेय ।।

हवा ओलूद कोर शोरन व्यपासे । ज़हर फॅहल्योव तु बैयि अन्याय तेज़य ।।

यि केछर जुलमुकुय छूट तु छवर छवर। कर पैयि व्यतरुनी अंहराय तेज़य ।।

मॅशिथ गयि नीर्य नगम तु बाल रॅव्यू ताम । व्यदाखन इंज़ फकत गुंगराय तेज़ेय ।।

छि मॅर्य द्यादम्य पशान नखु फॅक्यू तिमन रॉव्यू । छटान तिम बाक अॅश ददराय तेज़य ।।

यपॉर्य वह्य वाय हॉय हयहाय बोज़न । बमय बम फॅट्य बमन गगराय तेज़य ।।

किंही छुनु डंजि गयि प्रथ रंग अंदर खल । यिलाह बांबुरि तु छांबुरि त्राय तेज़य ।।

गॅमृत्य जन यॉम्य "सॉयिल” लुख छि बुथ्य । व्यपुन छुन कुनि तु पनुनी राय तेज़ेय ।।

डिस्क्लेमर:

ऊपर दिए गए आर्टिकल में बताए गए विचार लेखक के अपने विचार हैं और kashmiribhatta.in किसी भी तरह से ऊपर दिए गए आर्टिकल में बताए गए विचारों के लिए ज़िम्मेदार नहीं है। आर्टिकल उसके मालिक या मालिकों का है और यह साइट इस पर कोई अधिकार नहीं रखती है। कॉपीराइट एक्ट 1976 के सेक्शन 107 के तहत कॉपीराइट डिस्क्लेमर, आलोचना, कमेंट, न्यूज़ रिपोर्टिंग, टीचिंग, स्कॉलरशिप, एजुकेशन और रिसर्च जैसे मकसदों के लिए "फेयर यूज़" की इजाज़त देता है। फेयर यूज़ कॉपीराइट कानून द्वारा इजाज़त दिया गया ऐसा इस्तेमाल है जो वरना उल्लंघन कर सकता है।

साभारः  पृथ्वीनाथ कौल 'सायिल'   "कोशुर समाचार" - 2025, मई