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ततः परं ब्रह्मपरं बृहन्तं यथानिकायं सर्वभूतेषु गूढम्। विश्वस्य एक परिवेष्टितारमीशं तं ज्ञात्वा अमृता भवन्ति ॥ 7 ॥            You are the Supreme Brahman, infinite, yet hidden in the hearts of all creatures. You pervade everything. They, who know You, are free from the cycle of birth, death and rebirth. (Svetasvatara 3 : 7)            परमात्मा सब प्रकार से सब काल में मुक्त और शुद्ध है। वह अपरिमित और अनन्त होते हुए भी सभी प्राणियों के हृदय में छिपा हुआ है। परमात्मा को जानने वाले व्यक्ति ही जन्म-मरण के चक्र से मुक्त हो जाते हैं।

ज़्येठॖ (ज्येष्ठ) ज़ूनॖ पछॖ (शुक्ल पक्ष) च़ोरम (चतुर्थी) बॊम्वार (मंगलवार),श्री सप्तर्षि सम्वत 5096, Today isJyesth Maas Shukla Paksh Chaturthiyaam Mangalvaasra sanayitaam. Kashmiri Pandit Nirvasan Samvat_31 Sapthrishi Samvat _5096
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आधुनिक चिकित्सक मधुमेह के इलाज के लिए इन्सुलिन का प्रयोग करते हैं जबकि इन्सुलिन मधुमेह को जड़ से खत्म नहीं कर पाती है बल्कि उसे बढ़ने से रोक देती है। ऐसी स्थिति में मधुमेह रोग के दुबारा होने की आशंका बनी रहती है।मधुमेह रोग से बचने के लिए प्राकृतिक आहार का अधिक सेवन करना चाहिए जो इस प्रकार हैं- संतरा, सेब, नाशपाती, पपीता, तरबूज, खरबूजा, अमरूद, मौसमी, गाजर, मूली, खीरा, शलजम, ककड़ी, पालक, पोदीना, मेथी, धनिया, पत्तागोभी, फलियां, शिमला मिर्च आदि।मधुमेह रोग को ठीक करने के फलों का रस, सब्जियों का रस, नारियल पानी तथा नींबू के रस को पानी में मिलाकर प्रतिदिन पीना चाहिए।रोजाना ताजे आंवले के रस या सूखे आंवले के चूर्ण में हल्दी का चूर्ण मिलाकर सेवन करने से बहुत अधिक लाभ मिलता है।मधुमेह रोग को ठीक करने के लिए जामुन का अधिक सेवन करना चाहिए या फिर जामुन की गुठली को सूखाकर चूर्ण बनाकर आधा चम्मच की मात्रा में पानी के साथ सुबह तथा शाम सेवन करने से यह रोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।15 मिलीलीटर करेले के रस को 100 मिलीलीटर पानी में मिलाकर प्रतिदिन 3 बार लगभग 3 महीने तक पीने से मधुमेह रोग ठीक हो जाता है।प्रतिदिन 1 चम्मच भीगे हुए मेथी के दाने खाने से कुछ महीने में ही यह रोग ठीक हो जाता है। मेथी दाना को पानी में डालकर उसका काढ़ा बनाकर पीने से यह रोग जल्दी ही ठीक हो जाता है।मेथी दाने का चूर्ण बनाकर पानी के साथ सुबह-शाम सेवन करने से यह रोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।इस रोग से पीड़ित रोगी को दूध का सेवन बहुत ही कम करना चाहिए बल्कि इसके स्थान पर छाछ का अधिक सेवन करने से बहुत अधिक लाभ मिलता है।300 ग्राम भिंडी की 2 फांक करके रात के समय में पानी में फूलने के लिए रख दें तथा सुबह के समय में इसको पानी से निकालकर इस पानी को पी लें तथा भिंडी को फेंक दें। यह क्रिया 1 सप्ताह तक करने से यह रोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है। प्रतिदिन सुबह के समय में कम से कम 10 बेल की पत्ती या सदाबहार की पत्ती या जामुन की पत्ती या नीम की पत्ती खाने से यह रोग बहुत जल्दी ठीक हो जाता है।तुलसी की पत्ती प्रतिदिन सुबह के समय सेवन करने से खून में शर्करा की मात्रा कम हो जाती है और यह रोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।प्रतिदिन सुबह के समय में 2 अंजीर खाकर इसके ऊपर से 2 गिलास पानी पीने से यह रोग ठीक हो जाता है।गेहूं तथा जौ 50 ग्राम, मूंग, बाजरा, फाफर (कुट्टू), चना 20 ग्राम, सोयाबीन तथा मक्का 10 ग्राम इन सब को मिलाकर, इसे पीसकर इसकी रोटी बनाकर प्रतिदिन कुछ दिनों तक खाने से यह रोग ठीक हो जाता है।मधुमेह रोग से पीड़ित रोगी को प्रतिदिन सुबह के समय में खुले बदन धूप में अपने शरीर की सिंकाई करनी चाहिए तथा नांरगी बोतल में सूर्यतप्त से बनाये गय जल को भोजन करने के थोड़ी देर बाद लेने से यह रोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।इस रोग से पीड़ित रोगी को प्रतिदिन अपने पेट पर मिट्टी की गीली पट्टी करनी चाहिए तथा इसके बाद एनिमा क्रिया करके अपने पेट को साफ करना चाहिए और फिर कटिस्नान तथा मेहनस्नान करना चाहिए।इस रोग से पीड़ित रोगी को प्रतिदिन सुबह के समय में सैर के लिए जाना चाहिए और खुली हवा मे सांस लेनी चाहिए।

 

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