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One shrine to the next, the hermit can't stop for breath. Soul, get this! You should have looked in the mirror. Going on a pilgrimage is like falling in love with the greenness of faraway grass.     Lala Ded

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Mandal Upchar Krodh ko niyantret kerna मण्डल उपचार–क्रोध को नियंत्रित करने की प्रणाली

मण्डल उपचार: क्रोध को नियंत्रित करने की प्रणाली।लाल और दहाड़ते हुये क्रोध ऐसे एक आवेग को लीजिये।यह तुम को खा जाता है,यह हृदयाघात तक ले जा सकता है।क्या आप अपने क्रोध को पराभूत करने के लिये एक मज़ाकिया ओर सरल तरीक़ा सोच सकतेहैं या गुस्से को शांत भाव से व्यक्त कर सकतेहैं?एक है– इसे मण्डल कहा जाता है।

 

मण्डल चित्रित करने के लाभ

एक बार जब आप क्रोधित मण्डल को चित्रित करना समाप्त कर देते हो,तब स्वत:आपकी वृवत्ति एक प्रसन्न मण्दल को चित्रित करने की होती है,क्योंकि आपने अपना क्रोध पीछे छोड़ दिया है।वास्तव में आप खुश और निश्चिंत महसूस करते हैं।इसको आज़मा कर देखो: “ आप रंगो और अपने हाथों की गति में खो जाते हैं और इस तरह आप बिना इसे महसूस किये ही अपने को स्पष्ट रूप से व्यक्त करते हैं”, एक गृहिणी मंजु मोहिनी का कहना है।“ सबसे अच्छी बात यह है जब आप मण्डल कर रहे होते हैं तब आ सोचते नहीं हैं,आप चित्रण करने में खो जाते हैं।आप को महसूस नहीं होता है कि आषप अपने ऊपर काम कर रहे हैं,यह इतना आसान और इतना मज़ेदार है”, वह जोड़ती हैं।मंजु मण्दल का चित्रण वर्षों से कर रहीं हैं,विशेषकर गुस्से वाले।गुस्से से निपटने के बाद वह जानती हैं कि उन्हे क्या करना है।कागज़ और चित्रांकनी(क्रेआन) उठाओ और चालू हो जाओ ।जल्दी ही गुस्सा भाग जाता है ओर वह फिर शांत हो जाती हैं। किस चीज़ की ज़रूरत है? मण्डल को चित्रित करना बहुत आसान हैअप को सिर्फ कागज़ और चित्रांकनियों (क्रेआन) या रंगीन पेन्सिलो की ज़रूरत है,उसी तरह की जिनका इस्तेमाल बच्चे स्कूल में करते हैं।मण्डल कला नहीं है,इसलिये आप को यह सोचने कि ज़रूरत नहीं है कि वे देखने में कैसे लगेंगे या आप उन्हे सही ढ़ंग से कर रहे हैं या ग़लत ढ़ंग से।आप को कुछ नहीं करना है,केवल उन्हे महसूस करना है।उदाहरण के लिये, गुस्से के मण्डल कौ खींचने के लिये,सिर्फ बैठ जाइये और अपने गुस्से को महसूस करिये।जब आप महसूस करते हैं,वह उसी रंग को चुन लेता है जो सबसे अनुकूल होता है।

 

तब ap कागज़ पर एक गोला खींचिये और भावनाओं को अपने आप प्रकट होने दीजिये।जो भी रेखा या रंग ata है उसे घेरे के आदर व्यक्त होने दीजिये।अपने पर नियंत्रण मत लगाइये ओर सोचिये मत,बस चलते जाइये।एक मनोवानिन कशमीरा  शा कहतींहैं।“ यह सा कुछ था जो मैं ने इतनी आसानी से किया,मुझे नहीं पता था कि यह मेरे बारे में इतना कुछ पकट करेगा।इसने जो मुझे सिखाया वह यह था कि मुझे सीमायं तोड़नी होगिं ओर मुजे उन सीमाओं से मुक्त होना होगा जो मैं ने अपने ऊपर लागाईं हैं। मण्डल करते समय मैं ने अपने को इतना खुश महसूस किया, वह जोडक्ष़ती हैं।आधुनिक जीवन में हम में से अधिकांश लोगों को ग्र आवेगों का सामना करना होता है।मण्डल अपने को व्यक्त करने का का एक सुरक्षित स्थान प्रदान करते हैं जहां आप एक बच्चे की तरह खेल सकते है।जो रखायें और रंग आप कागज़ पर चित्रित करते हैं वे आश्चर्यजनक चीज़े आप के बारे में प्रकट कर सकते हैंसाधारण गुमाव और रंग के धब्बे बता सकते हैं कि आप सामान्यत् पने गुस्से  को प्रकट कते हैं या दबाते हैं।बाधा पड़ने पर आप पीछे हट जाते हैं या आगे बढ़ते रहते हैं,आप भावावेश से भरे हैं या खिन्न और उदासीन हैं।हालांकि बहुत से अनेक उचार हैं लेकिन मण्डल की तरह कोई इतना मज़ेदार नहीं है।कागज़ पर चित्रांकनी से घसटा मारना मात्र हमे अपने बचपन के उन बेपरवाह दिनो की ओर वापस ले जाता है।