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One shrine to the next, the hermit can't stop for breath. Soul, get this! You should have looked in the mirror. Going on a pilgrimage is like falling in love with the greenness of faraway grass.     Lala Ded

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Kaise Bane Behter Vaykt ke Malik कैसे बनें बेहतर व्यक्तित्व के मालिक

एक बेहतर नेता बनने के लिए सबसे पहले एक अच्छा अनुयायी बनें। अगर आपको एक बेहतर शिक्षक बनना है तो पहले एक अच्छा छात्र बनें। अगर आपको एक सफल व्यवसायी बनने की चाहत है तो पहले आपको यह सीखने की आवश्यकता है कि एक अच्छा ग्राहक कैसे बनें। तब आप जान पायेंगें कि एक ग्राहक की जरूरतें क्या-क्या होती हैं और एक ग्राहक के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए।

 

एक अच्छा नेता अपना नेतृत्व कभी भी लोगों पर नहीं थोपता। उसके दिमाग में हमेशा यह बात रहनी चाहिये कि उसका काम बाकी लोगों के लिये राह बनाना है। एक अच्छा नेता पीछे खड़े रहकर बाकी लोगों को आगे जाने देता है। नेता वही होता है जो पीछे खड़े रहकर सबका नेतृत्व करे। नेता दो प्रकार के होते हैं: 1. एक वो जो आगे आता है और बाकी लोगों को अपने पीछे चलने को कहता है। 2. दूसरा वो जो आगे बढ़कर दरवाजा खोलता है और बाकी लोगों आगे जाने देता है और खुद सबसे अंत में जाता है।

 

मैं दूसरे को बेहतर कहूंगा। ऐसे लोग अधिक दयालु होते हैं। ऐसा नेता जानता है कि सारे लोग मंजिल की ओर आगे बढ़ रहे हैं। वर्ना अगर आप भीड़ के आगे-आगे चलेंगें तो आप कैसे जान पायेंगे कि बाकी सारे लोग आपके पीछे-पीछे आ रहे हैं या नहीं।

हो सकता है कुछ लोग आपसे काफी पीछे छूट गये हों। इसलिये एक नेता के तौर पर आपको सबके पीछे खड़े होकर यह देखना चाहिए कि सारे लोग आगे बढ़ रहे हैं या नहीं। अगर भविष्य में भारत में अच्छे नेता होंगे तो यह काफी आश्चर्यजनक बात होगी। भारत में कई प्रतिभाशाली और अच्छे लोग हैं। पर इसके लिए हम सबको मिलकर काम करना होगा। हम सबको मिलकर एक सही अवसर को जन्म देना होगा और समय की यही मांग है।

आज हमारा देश इतनी बुरी अवस्था में क्यों है? इसका कारण केवल बुरे लोग नहीं हैं बल्कि इसका कारण अच्छे और नेक लोगों की खामोशी भी है। आज देश की हालत ऐसी है क्योंकि अच्छे लोग चुप हैं, ढ़ीला-ढ़ाला रवैया अपनाये हुए हैं, कुछ करना नहीं चाहते हैं और हर चीजों से बस चिढ़े हुए से हैं। सबसे पहले एक अच्छे व्यक्ति को राजनीतिक उम्मीदवार बनना चाहिए और उन्हें अच्छे नागरिकों का एक वोट बैंक तैयार करना चाहिये। अगर ऐसा होगा तो कोई भी पार्टी कभी भी किसी अपराधी को टिकट नहीं देगी। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि दोषी करार अपराधियों को कभी भी संसद में बैठने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिये। लेकिन आज संसद में बैठा हर राजनीतिज्ञ का कहना है कि दोषी करार अपराधी को भी वहां बैठने की इजाजत होनी चाहिए। ऐसा क्यों है?

 

आध्यात्म नेतृत्व को बढ़ावा देता है। यह आपको जिम्मेदारी लेने में मदद करता है। नेतृत्व का मतलब जिम्मेदारी के साथ-साथ प्रेरणा भी है। एक अच्छा नेता आगे बढ़कर बात करता है, जिम्मेदारी लेता है और अपने आस-पास के लोगों को भी आगे बढ़कर बात करने और जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित करता है। जब आप किसी संगठन या किसी अन्य व्यक्ति को ऐसा करते देखते हैं तो आप और आपके साथ-साथ कई और लोग भी वैसा करने के लिये प्रेरित होते हैं। हमें यह सीखने की आवश्यकता है कि मिलजुलकर एक टीम की तरह काम कैसे करें। हमें दया दिखाने की आवश्यकता है। हमें अपने दिमाग में यह बात रखने की जरूरत है कि व्यवसाय में भावनात्मक और अहंकार संबंधी मुद्दों को जगह नहीं देना चाहिए। जब इस तरह का मुद्दा किसी संगठन में प्रवेश कर जाता है तो वह धीरे-धीरे उस संगठन के विकास में बाधा पहुंचाने लगता है और उसे नीचे ले आता है। प्रभावी बातचीत महत्वपूर्ण है। केवल अच्छा काम करना और यह कहना पर्याप्त नही है कि मैं कितना अच्छा हूं और मैंने बहुत सारे अच्छे काम किये हैं। आपको इसे लोगों के सामने लाने की जरूरत है। अपने काम के बारे में सबको बताएं। अपना विश्वास ना खोयें। विश्वास रखें और इसके साथ आगे बढ़ें। यह जरूरी है।