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One shrine to the next, the hermit can't stop for breath. Soul, get this! You should have looked in the mirror. Going on a pilgrimage is like falling in love with the greenness of faraway grass.     Lala Ded

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फकीर की दौलत

जापान के एक सम्राट रात में शहर के चक्कर लगाते और पता लगाने की कोशिश करते कि कहां क्या हो रहा है। एक फकीर उन्हें हमेशा जागता मिलता। उसके पास कुछ भी नहीं था, लेकिन वह अपनी कुटिया के बाहर जोर-जोर से कहता रहता, ‘जागते रहो, जागते रहो। सो मत जाना, नहीं तो लुट जाओंगे।’ अकेला बैठा-बैठा अपने आप से भी वह यही कहता रहता। सम्राट को लगा कि फकीर पागल है। लेकिन उनसे रहा नहीं गया और एक दिन उन्होंने फकीर से पूछ ही लिया, ‘आप के पास धन-दौलत तो है नहीं, फिर आप किसके डर से इतना सावधान रहते हैं? किसको हमेशा जगाते रहते हैं?’
    फकीर ने कहा, ‘राजन, आपने तो बहुत सारा कूड़ा-कचरा इकट्ठा कर लिया है। आप सो भी गए तो कोई डर नहीं है। कूड़ा कचरा कोई लूट भी ले तो आप फिर जनता से छीन कर इकट्ठा कर लेंगे। लेकिन हमारे पास वह दौलत है, जिसको कोई एक बार लूट ले गया तो फिर वह कभी नहीं मिलेंगी। इसलिए मैं हमेशा सावधान रहता हूं और लोगों से कहता हूं कि तुम भी जागते रहो।’ राजा ने कहा, ‘मेरे पास हीरे-जवाहरात, सोना-चांदी, हाथी-घोड़ा सब कुछ है। तुम उसे कूड़ा-कचरा कहते हो। तुम जरूर पागल हो गए हो।’
    फकीर बोला, ‘आप सम्राट जरूर हैं, लेकिन आपकी बुद्धि बहुत छोटी है। जिसे आप अमूल्य दौलत कह रहे हैं उसे तो कोई भी छीन सकता है। मेरे लिए तो वह कूड़े के समान है। आपकी दौलत मोह, लोभ, क्रोध और अहंकार के आवरण से सुरक्षित है, लेकिन मेरे धन को किसी आवरण की जरूरत ही नहीं है। मेरी संपत्ति ईश्वर की दी हुई है। मैं हमेशा अपने आप को सावधान करता रहता हूं कि मेरे मन में मोह, लोभ, क्रोध और अहंकार का बसेरा न बनने पाए। इसलिए मैं अपनी आत्मा से कहता हूं कि सो मत जाना, जागते रहना।’ फकीर की बातों का सम्राट पर गहरा असर हुआ। उन्होंने अपना राजपाट छोड़ कर सन्यास धारण कर लिया।