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One shrine to the next, the hermit can't stop for breath. Soul, get this! You should have looked in the mirror. Going on a pilgrimage is like falling in love with the greenness of faraway grass.     Lala Ded

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अहंकार


कमरे के एक कोने में धूपबत्ती जल रही थी, दूसरे कोने में पर मोमबत्ती। 
मोमबत्ती ने तिरस्कारपूर्वक धूपबत्ती को देखा और कहा “देखती नहीं मैं कितनी भाग्यवान हूँ। चारों ओर मेरा प्रकाश फैल रहा है। सबकी आँखें मेरी ओर रहती हैं।”
धूपबत्ती ने कहा “बहन! सो तो ठीक है, पर परीक्षा के कठिन समय में धैर्य और साहस के साथ अपनी जगह बनी रह सको, तभी चमक की सार्थकता है।”
मोमबत्ती ने बात अनसुनी कर दी।
हवा का एक तेज झोंका आया। मोमबत्ती बुझ गई, पर धूपबत्ती ने अपनी सुगंध और भी तेजी से बिखेरना शुरू कर दी। कमरे का आकाश बोला “वह चमक किस काम की जो एक झोंके का सामना भी न कर सके।” अपनी क्षुद्र क्षमता पर अहंकार व्यर्थ है।