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One shrine to the next, the hermit can't stop for breath. Soul, get this! You should have looked in the mirror. Going on a pilgrimage is like falling in love with the greenness of faraway grass.     Lala Ded

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तालाब का घुमड़

प्रातःकाल होता तो तालाब अपने पास बह रहे झरने को डरा कर कहता “बंधु! इधर आने की भूल मत करना अन्यथा मुझमें डूबकर मर जाओगे।” बकवास करने की अपेक्षा काम करने मंे विश्वास रखने वाला झरना कुछ उत्तर देने की अपेक्षा थोड़ा मुस्करा देता और अपनी राह पकड़ता। तालाब जहाँ था, वहीं सड़ता रहा, पर झरना किनारा काटता हुआ एक दिन तालाब के समीप तक जा पहुँचा। उस दिन रात में भीषण वर्षा हुई और वह छोटी-सी सीमा भी टूट गई। तालाब झरने के पेट में समा गया। झरना और भी तीव्र गति से बहने लगा। तालाब झरने में डूबने लगा, तब किनारे खड़े शाल्मलि वृक्ष ने ठिठोली की “बंधु! जो स्वयं कुछ नहीं कर सकते और दुसरों को भी कुछ नहीं करते देख सकते, उनकी अंत में यही गति होती है।“